जिलेभर की जर्जर/भवनविहीन स्कूल आँगनवाड़ीयों की सूची लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओ ने सौपा ज्ञापन।

✍️जुबेर निजामी की रिपोर्ट
आलीराजपुर आदिवासी बाहुल्य जिला आलीराजपुर शिक्षा की दृष्टि से पुरे देश मे सर्वाधिक पिछड़ा माना जाता है,जिसके कई कारण है जिसमे से प्रमुख है यहां की शिक्षा व्यवस्था स्कूल आँगनवाड़ियों की जर्जर हालत तो कई जगह भवनविहीन शालाये जो किसी झोपड़ी मे यां किराये के मकान मे संचालित की जा रही है बारिश आरही है और नया शिक्षा सत्र भी प्रारम्भ होने जा रहा है और स्कूलो की हालत जस की तस बनी हुई है।
ये सब ध्यान रखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता नितेश अलावा और साथियों द्वारा समाज के जागरूक लोगो ने पुरे जिले की स्कूलो आँगनवाड़ी भवन जिनकी हालत जर्जर है,छत टपकती यां गिर रही है,सरिये दिख रहे है की फोटो वीडियो बुलवाकर उसकी सूची बनाई गयी।
करीबन 100 स्कूल आँगनवाड़ी की हालत खराब है जहां नन्हे बच्चों का बैठना काफी मुश्किल है और बारिश मे जान जोखिम डालकर बैठना होता है पानी के बीच बैठे बच्चे और कई बार गिरती छतो से जान का खतरा बना रहता है ऐसे मे कल को बड़ी दुर्घटना न घटित हो इसलिए आज कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन मय सूची सौपकर बारिश पूर्व उक्त सभी स्कूलो की मरम्मत करवाने और स्वीकृत भवनो पर कार्य शुरू करवाने की मांग की।
सामाजिक कार्यकर्ता नितेश अलावा का कहना है की विगत 3-4 सालो से हम बारिश पूर्व आवेदन देकर संबधित विभाग को स्कूल आंगनवाड़ी की स्थिति से अवगत करवाते ही आये है लेकिन विभाग के जिम्मेदार इस और ध्यान नही दे रहे।
ऐसे मे बारिश मे बड़ी घटना घटित होने का डर बना रहता है और बच्चों के लिए अनुकूलित वातावरण न होने से बच्चे और पालक एडमिशन मे रूचि नही दिखाते।

