ओबीसी–एससी–एसटी के हक़ और सम्मान के लिए भोपाल में हुआ विशाल महासम्मेलन।
ओबीसी–एससी–एसटी के हक़ और सम्मान के लिए भोपाल में हुआ विशाल महासम्मेलन।
आलीराजपुर जिले से भी हुए सैकड़ो की संख्या में समाज जन।

जुबेर निजामी की रिपोर्ट
आलीराजपुर। मध्य प्रदेश में सामाजिक संगठनों के द्वारा ओबीसी, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की ज्वलंत समस्याओं और संवैधानिक अधिकारों को लेकर 18 जनवरी 2026 को भोपाल के गोविंदपुरा (भेल) स्थित दशहरा मैदान में सुबह 10 बजे से एक विशाल महासम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस महासम्मेलन में प्रदेशभर से लाखों की संख्या में लोग शामिल हुऐ। आलीराजपुर जिले से भी हजारों की संख्या में ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के अधिकारी, कर्मचारी, छात्र प्रतिनिधि, एवं युवा अजाक्स, आकास,अपाक्स, जयस एवं एसीएस छात्र संगठन के पदाधिकारी एवं सामजिक संगठन के कार्यक्रता सम्मिलित हुऐ हैं।अजाक्स जिला अध्यक्ष रतनसिंह रावत ने कहा कि वर्षों से सामाजिक,शैक्षणिक और आर्थिक स्तर पर उपेक्षा और अन्याय का सामना कर रहे हैं। जनसंख्या में बहुलता के बावजूद इन वर्गों को न तो समुचित आरक्षण मिल पा रहा है और न ही सरकारी सेवाओं में उनका प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो पा रहा है। आकास जिला अध्यक्ष भंगुसिंह तोमर ने कहा कि आरक्षित पद वर्षों से खाली पड़े हैं, छात्रवृत्तियों में देरी हो रही है, ठेका प्रथा और संविदा नियुक्तियों ने रोजगार की सुरक्षा को समाप्त कर दिया है। यहां कर्मचारियों के हित एवं आरक्षण के प्रावधान के विरोध हैं। जयस जिलाध्यक्ष अरविन्द कनेश ने कहा कि महासम्मेलन में विशेष रूप से यह मुद्दा उठाया गया कि सामाजिक न्याय की आवाज़ उठाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध दमनात्मक कार्यवाही लोकतंत्र और संविधान की भावना के विपरीत है। संतोष वर्मा (आईएएस) के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है, जिसे तत्काल वापस लेने की मांग की गईं हैं। इस और सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो प्रदेश भर में उग्र आंदोलन होगा। जिसका प्रदेश के सभी सामाजिक संगठनों ने समर्थन दिया है।

अपाक्स के जिलाध्यक्ष राकेश राठौड़ ने कहा कि महा सम्मेलन में शासन से प्रमुख रूप से ओबीसी को जनसंख्या अनुपात में 52 प्रतिशत आरक्षण देने, एससी- एसटी – ओबीसी के सभी रिक्त एवं बैकलॉग पदों को विशेष भर्ती अभियान के माध्यम से भरने, निजी क्षेत्र, आउटसोर्स और संविदा सेवाओं में आरक्षण लागू करने, तथा पदोन्नति में ओबीसी को भी आरक्षण का लाभ देने की मांग की गईं हैं।

